राजस्थान दिवस री बधाई ।
राजस्थान कैसा है ये आप जान सकते हो अपने घर परिवार के बुजुर्गों से या इतिहास के महान लेखकों द्वारा जिन्होंने भले ही अपना पराक्रम युद्ध के मैदानों में न दिखाया हो परंतु अपने कलम से या अपने अनुभवों को आप तक अवश्य ही पहुँचाया है। मैंने अपनी कलम से चंद पंक्तियों में राजस्थानी गौरव को समेटने का असंभव प्रयत्न किया है
राजस्थान कैसा है ये आप जान सकते हो अपने घर परिवार के बुजुर्गों से या इतिहास के महान लेखकों द्वारा जिन्होंने भले ही अपना पराक्रम युद्ध के मैदानों में न दिखाया हो परंतु अपने कलम से या अपने अनुभवों को आप तक अवश्य ही पहुँचाया है। मैंने अपनी कलम से चंद पंक्तियों में राजस्थानी गौरव को समेटने का असंभव प्रयत्न किया है
रेतीळा धोरा सुं सजी है म्हारी या धरती
मीराबाईसा री भक्ति,
तो पन्नाधाय रो बळिदाण है अठै
राणीसा पद्मिनी रो जौहर
तो राणा रो पराकरम बस्योङो है अठै
विजय स्तंभ रो शीश ,
तो घणाई शीश कट्योङा है अठै
राजपूता री शान बसी,
तो गोरा रा धङ रो जोर है अठै
पुष्कर ज्याङो तीरथ है ईका काळजा माय
कदेई तो आवो म्हारे ई राजस्थान रे माय
" पधारो म्हारे देस "
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