Friday, 23 March 2018

मेरी दास्तां-1

मेरी जिंदगी ने कही बार धर्मसंकट में डाला है और मैं  कई  बार इससे निकलने में कामयाब रहा हूँ परन्तु कई  मर्तबा जिंदगी मुझे ही दगा दे गयी।  मैं  आज भी इसी तरह की परिस्थिति  में फंसा हुआ हूँ जहाँ मुझे यह समझ नहीं आ रहा कि मैं  क्या करूँ इसलिए मैंने अपनी सच्ची घटना को पक्तिबद्ध किया है और आशा है आपको ये जरूर पसंद आयेगी---



जिंदगी ने मुझे दो राहें दिखाई
पर चुनने की कला ना सिखाई
हसीं ख्वाबों के साथ एक पर चल पड़ा
सोचकर कि यार सोचने में क्या गङा
पर मैनें यह क्यों नहीं सोचा ?
रास्तें चुनने में भी होता है लोचा
अनजान पथ पर नयी उम्मीद से बढ़ा
हसीन ख्वाबों को साथ लेकर चढ़ा
जाने क्यों सबने इसे मूर्खता बताया
हँसकर मुझपर मुझे ही सबकुछ सुनाया
जो भी हुआ अब करता ही क्या मैं
मेरा ही किया था सो अब सहता ही मैं
भैया बोले मत कर विचार इसपर
चलता रह अब यूं ही इस पथ पर
क्यों करता है तू चिंता सफलता की
खुश रह जरूरत है तेरी चपलता की
फिर रब़ ने मुझे एक उम्मीद से मिलाया
तब मैनें इसी पथ पर ही रहना तय किया
वक्त यूं ही बढ़ता गया
मैं उम्मीदें खोता गया
गुजरते वक्त ने उम्मीदों को क्षीण कर दिया
मैं पहले जहाँ था वही लाकर खड़ा कर दिया
वक्त ने फिर से उम्मीदों की किताब खोल दी
नाउम्मीदों की बातें मेरे मुँह पर ही बोल दी
किस्मत ने हराने की तमाम कोशिशें की
टूट जाऊ, हार जाऊ मैं ऐसी उम्मीदें की
उम्मीदें नहीं थी तो केवल उम्मीदों से
तन भी साथ नहीं देता तो जीते भी कैसै?
कहते है ना वक्त सदा बुरा नहीं रहता है
कहीं न कहीं एक दिया तो जलता ही रहता है
जीवन में फिर से एक मोङ आया.......

(जारी रहेगी 'मेरी दास्तां' भाग-2 में )











4 comments:

  1. Nice sunil
    1)Two roads diverged in the woods and I took the one less travelled and that has made all the difference...
    2)People usually make fun of anyone who is different but that must not stop you from being you.
    3)Most people follow the crowd, and they do not go much ahead of the crowd, but people who go on exploring new path tend to learn and achieve limitless.

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    1. Thanks bhaisahab for your valuable comment
      I was also stuck in two way path in my life
      After choosing one of them I am feeling that it was my mistake to pickup that way but the life provided me an another opportunity to pickup the rest one once again
      The only thing that I will realise, I lost and waste the time period of a year.

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  2. What is the matter, brother has written a lot of things, you are very happy in your statement

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    1. Something has gone wrong with me in last couple of years but now I can divert the truck of my life towards the new and right way.

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